दीप मैठाणी ✍️NIU देहरादून भूमाफियाओं के हौसले अब किस हद तक बुलंद हो चुके हैं, यह मामला सिर्फ एक बानगी भर है, लेकिन इसी तरह की हरकतें जिले भर में लगातार सामने आ रही हैं।
मामला कोल्हूपानी, परगना पछवादून, तहसील विकासनगर के स्थायी निवासी राकेश राघव पुत्र स्व. चमन लाल से जुड़ा है।
स्थानीय सोशल एक्टिविस्ट राकेश कुमार जोशी (निवासी: कोटड़ा संतूर) ने तहसीलदार को लिखित शिकायत दी थी कि राकेश राघव ने अपने मकान से सटी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर चारदीवारी करवा ली है और वहाँ बोरिंग व अन्य निर्माण कार्य भी किए जा रहे हैं।

लंबी जद्दोजहद के बाद तहसीलदार की टीम ने मौके पर जाकर जांच की और पाया कि जमीन पर जबरन एवं अवैध कब्जा किया गया है।

प्रशासनिक टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण ध्वस्त करवा दिया और बोरिंग कार्य रोकवाया।





लेकिन घटनाक्रम आश्चर्यजनक मोड़ ले गया कुछ दिनों तक शांत रहने के बाद राकेश राघव ने दुबारा वही सीमा-दीवार बनवाना शुरू कर दिया। मजदूरों को लगाकर निर्माण तीव्र गति से जारी है।

इस पुनरावृत्ति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्या यह अकेला कारीगराना प्रयास है या कहीं किसी स्थानीय अधिकारी या प्रभावशाली दल का संरक्षण इसमें शामिल है?
ठोस प्रश्न यही हैं:
- राजस्व विभाग में किस अधिकारी की मिलीभगत से अवैध निर्माण फिर से संभव हो पाया?
- क्या प्रशासनिक निगरानी में कमजोरी है, या कार्रवाई के बाद भी निष्पादन में ढील बरती जा रही है?
- स्थानीय लोगों और एक्टिविस्टों की रक्षा के क्या उपाय हैं जब शिकायत के बावजूद वही अवैध गतिविधि दोबारा शुरू हो जाए?

स्थानीय लोगों में नाराजगी है और वे चाहते हैं कि प्रशासन इस मामले की गहन जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे।
न्यूज़ इंडिया अपडेट जल्द ही इस घटना पर विस्तृत वीडियो रिपोर्ट प्रसारित करेगा जिसमें घटनास्थल से तस्वीरें, स्थानीयों के बयान और अधिकारिक प्रतिक्रिया शामिल होगी।



