दीप मैठाणी ✍️देहरादून ऋषि आश्रम मंदिर का 67वां भव्य वार्षिकोत्सव दिव्य एवं संगीतमय श्रीमद्भभागवत कथाज्ञान यज्ञ श्रदा एवं पूर्ण समर्पण के साथ खुड़बुड़ा में मनाया जा रहा है, 21 जून से शुरू हुआ श्रीमद्भभागवत कथाज्ञान का समापन 28 जून को यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ पूर्ण होगा।

इस कथाज्ञान का संचालन ऋषि आश्रम मंदिर के संचालक व प्रबंधक श्रद्धेय विद्या चैतन्य जी महाराज जी के निर्देशन में किया जा रहा है, श्रीमद्भभागवत का कथाज्ञान व्यास श्री उपेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज जी के मुखारबिंदु से किया जा रहा है।

इस कथा ज्ञान के मुख्य यजमान अनुपम अपार गोयल परिवार के जन हैँ उन्होंने भक्तजनों से रविवार को हवन व भंडारे में अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लिए जाने की अपील भी की।
श्रीमद् भागवत कथा के सप्तम दिवस की कथा में कृष्ण सुदामा चरित्र का बहुत ही सुंदर वर्णन किया कथावक्ता व्यास जी ने बताया की कैसे सुदामा जी की धर्मपत्नी सुशील जी ने उनको उनके मित्र श्री कृष्ण जी के पास जाने के लिए मनाया और और सुदामा जी के द्वारका नगरी पहुंचने पर श्री कृष्ण जी ने कैसे उनका स्वागत सत्कार कर उनको अपने सिंहासन पर बिठाया और स्वयं उनके चरण पखारे एवं उनको छप्पन भोग खिलाए,
आज की कथा के माध्यम से कथा व्यास जी ने संदेश दिया कि हमें मित्रता सच्चे हृदय से निभानी चाहिए रिश्ते नाते सच्चे हृदय से निभाएं ना की आर्थिक वृचस्व देखकर।
श्रीमद् भागवत कथा के समापन दिवस पर भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री गिरधर शर्मा एवं प्रदेश अध्यक्ष चंद्रवीर गायत्री एवं समस्त पदाधिकारीयो ने श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण किया और कथा व्यास जगदाचार्य स्वामी श्री उपेंद्र आनंद सरस्वती जी महाराज और आश्रम के प्रवचन एवं संचालक महामंडलेश्वर स्वामी श्री विद्या जी चैतन्य जी महाराज और आए हुए सभी साधु संतों का आदर एवं सत्कार किया।
इस मौके पर महामंडलेश्वर स्वामी श्री विद्या चैतन्य जी महाराज, महेश गुप्ता, मनमोहन शर्मा, सुनील अग्रवाल, चंद्रवीर गायत्री, दीपक सिंघल, रेखा सिंघल, विमला गौड़, गिरधर शर्मा, सत्यनारायण गायत्री, संदीप गौड़, नीरज पाल, ऑरव सिंह, दीप मैठाणी इत्यादि उपस्थित रहे।



