देहरादून NIU ✍️उत्तरांचल प्रेस क्लब, देहरादून में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान उत्तराखण्ड ठेकेदार संयुक्त जन मंच समिति ने प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, प्रदेश में डी-क्लास ठेकेदारों की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और बाहरी प्रदेशों से आ रहे ठेकेदारों के प्रतिद्वंद्वीपन (कंपटिशन) के कारण स्थानीय ठेकेदारों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। यह आरोप समिति के महामंत्री तारा चंद ने संजय ने लगाए
तारा चंद ने कहा कि प्रदेश में पीएमजीएसवाई (प्रमुख ग्रामीण मार्ग योजना) से जुड़े कई विकास कार्य स्थानीय ठेकेदारों ने अपने साधन-संसाधनों से पूर्ण कर सरकार को सौंपे हैं, परंतु उन पंजीकृत ठेकेदारों का भुगतान आज तक लंबित है। भुगतान में देरी के कारण ठेकेदारों की आर्थिक हालत कमजोर हुई है तथा छोटे व्यवसाय और परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि लंबित बिलों और भुगतान को तत्काल निपटारा किया जाए ताकि ठेकेदारों को वित्तीय राहत मिल सके। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेशीय ठेकेदारों के रोजगार की रक्षा हेतु बाहरी ठेकेदारों के आ रहे दबाव का समाधान निकाला जाए।
प्रेसवार्ता में उपस्थित कई ठेकेदारों ने निजी तौर पर भी कहा कि भुगतान और अनुबंध संबंधी नियमों में पारदर्शिता की कमी, अनावश्यक बोली प्रक्रियाएँ और स्थानीय मजदूरों की रोजगार गारंटी न होने से ठेकेदारों की समस्याएँ बढ़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे आर्थिक तथा सामाजिक स्तर पर संगठित हस्तक्षेप
जैसे धरने, प्रदर्शन की रणनीति अपनाने पर विचार किया जाएगा। वही ताराचंद ने सख्त लहजे में ब्यूरोक्रेसी को 3 दिन का अल्टीमेट देते हुए कहा कि अधिकांश टेंडर तो तुम बेच चुके हो बाकी बचे हुए टेंडर भी जल्द बेच डालो अन्यथा तीन दिन बाद सभी का नाम सार्वजनिक कर दिया जाएगा…
इस प्रेसवार्ता में संजय पोखरियाल अध्यक्ष ठेकेदार संयुक्त जन मंच समिति, तारा चंद महासचिव, हर्षवर्धन शर्मा मनोज कुमार व इत्यादि मौजूद रहे,




