दीप मैठाणी NIU ✍️ देहरादून के गांधी पार्क में सिख और पंजाबी समाज द्वारा आयोजित संयुक्त धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। कुंवर जपेंदर सिंह और पंजाबी महासभा सहित समस्त पंजाबी समाज के नेतृत्व में चल रहे इस अनिश्चितकालीन धरने का मुख्य मुद्दा युवा कांग्रेसी कार्यकर्ता आकांक्षा नेगी द्वारा विभाजन के समय प्रभावित हुए सिख और पंजाबी परिवारों को ‘पाकिस्तानी’ बताने वाले कथित बयान पर उनकी गिरफ्तारी की मांग है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब आकांक्षा नेगी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ और पंजाबी समुदाय के सदस्यों को ‘पाकिस्तानी’ अथार्त बाहरी घोषित कर दिया था।

आकांक्षा नेगी जो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी हैं, ने कथित रूप से यह टिप्पणी देहरादून में हुए एक प्रदर्शन के दौरान की थी, जहां कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत भी मौजूद थे।
जबकि उमेश शर्मा काऊ का परिवार विभाजन विभीषका के बाद से देहरादून में प्रवासित हुआ और अब उत्तराखंड में स्थायी रूप से रह रहा है।

वहीं गांधी पार्क में आयोजित इस धरने में सिख और पंजाबी समाज व अन्य संगठनों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हो रहें हैं। आज सुबह इस धरना प्रदर्शन में गुरुवाणी का पाठ किया गया, जिसके माध्यम से सिख और पंजाबी समाज द्वारा शांति और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया गया ।
वहीं कुंवर जपेंदर सिंह और पंजाबी महासभा सहित समस्त पंजाबी समाज द्वारा प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि आकांक्षा नेगी की टिप्पणी से पंजाबी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और पंजाबी समाज ने देश की एकता, अखंडता और विकास में हमेशा अहम योगदान दिया है। ऐसे में किसी भी समुदाय की पहचान को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करना ठीक नहीं है प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है।



