देहरादून NIU ✍️भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के राष्ट्रीय मुख्यालय की ओर से मंगलवार को मानसून के दौरान संभावित बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर ऑनलाइन फ्लड प्रिपेयर्डनेस बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के सेक्रेटरी जनरल ललित बाधवा ने की। इसमें देशभर के राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की रेडक्रॉस शाखाओं के चेयरमैन, महासचिव एवं प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग कर अपने-अपने राज्यों की तैयारियों, चुनौतियों और राहत कार्यों के अनुभव साझा किए।
बैठक में भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी उत्तराखंड राज्य शाखा के चेयरमैन ओंकार बहुगुणा ने भी प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भौगोलिक दृष्टि से देश के सबसे अधिक आपदा संवेदनशील राज्यों में शामिल है। मानसून के दौरान भूस्खलन, बादल फटना, अतिवृष्टि और अचानक आने वाली बाढ़ जैसी घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। ऐसे में राष्ट्रीय मुख्यालय को उत्तराखंड में राहत सामग्री का अग्रिम भंडारण (प्री-पोजिशनिंग) करना चाहिए।
ओंकार बहुगुणा ने राष्ट्रीय मुख्यालय से मांग की कि उत्तराखंड के लिए शीघ्र टेंट, हाइजीन किट, छाते, रेनकोट, तिरपाल तथा अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।
बैठक में मानसून के दौरान उभर रहे बाढ़ के रुझानों, संभावित जोखिमों, आपदा पूर्व तैयारियों, राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय तथा मानवीय सहायता से जुड़े संचालन एवं अनुपालन संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सेक्रेटरी जनरल ललित बाधवा ने सभी राज्य शाखाओं से स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तैयारियां मजबूत रखने और किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करने का आह्वान किया।



