दीप मैठाणी ✍️NIU धनौल्टी विधानसभा क्षेत्र के बंगसील-मोलधार मार्ग पर डामरीकरण के कार्य को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है। लंबे समय से सड़क में डामरीकरण की मांग कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि डामरीकरण का कार्य धीमी गति से चल रहा है, जिससे उनकी दैनिक आवाजाही और आर्थिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि बंगसील से मोलधार तक सड़क का डामरीकरण क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। डामरीकरण न होने से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और रोजगार के लिए बाहर जाने वाले लोगों को भारी कठिनाई हो रही है। खराब मौसम में गांवों की कनेक्टिविटी और बिगड़ जाती है, जिससे आपातकालीन स्थितियों में लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है।


ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क डामरीकरण के लिए बार-बार ज्ञापन दिए जाने के बावजूद काम में वांछित प्रगति नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर देरी और उदासीनता के कारण परियोजना अधर में लटकी हुई है। इससे क्षेत्र के विकास की उम्मीदें टूटने लगी हैं।
स्थानीय निवासियों ने जताया कि धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र में कच्ची सड़क होने से लंबे समय से बड़ी समस्या रही है। कई गांवों में प्रधान बदलने के बावजूद सड़क निर्माण की मांग पूरी नहीं हो पाई है, जिससे ग्रामीणों का प्रशासनिक व्यवस्था से भरोसा कम होता जा रहा है।
चेतावनी: आंदोलन और चुनाव बहिष्कार
सड़क में डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए और डामरीकरण का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि आवश्यक कार्रवाई न होने पर वे आगामी चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं।
ग्रामीणों ने विधायक, जिला प्रशासन और संबंधित निर्माण विभाग से मांग की है कि बंगसील-मोलधार सड़क के लिए धन जारी कर निर्माण कार्य तत्काल शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन देने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि समयबद्ध तरीके से काम पूरा करना जरूरी है।

प्रशासन से अपेक्षा
क्षेत्र के लोगों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क डामरीकरण से न केवल आवाजाही सुगम होगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस चेतावनी के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग कितनी जल्दी ठोस कदम उठाते हैं और बंगसील-मोलधार सड़क डामरीकरण की मांग को किस तरह पूरा किया जाता है।



