दीप मैठाणी ✍️NIU देहरादून, 26 मई 2026, देहरादून के एटीएस कॉलोनी में रहने वाले स्थानीय व्यवसायी पुनीत अग्रवाल को आज न्यायालय ने अस्थायी राहत प्रदान की है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आगे की अग्रिम सुनवाई की तारीख 29 मई 2026 तय की और तब तक पुनीत अग्रवाल के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्यवाही पर रोक लगा दी।
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिए कि अगली सुनवाई के दौरान सचिव (आवास) और वन सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामले में न्यायालय की सहायता के लिये उपस्थित रहेंगे। इन अधिकारीयों की मौजूदगी अदालत को घटनाक्रम और संबंधित प्रशासनिक कार्रवाइयों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने में सहायक मानी गई।

मामले का पृष्ठभूमि:
पुनीत अग्रवाल, जो एटीएस कॉलोनी में व्यवसायी हैं, ने अघोषित रूप से उन कार्रवाइयों के खिलाफ न्यायालय का सहारा लिया जिनका वे सामना कर रहे थे। स्थानीय स्तर पर यह विवाद चल रहा था और प्रशासनिक दंडात्मक कदमों की आशंका के कारण अग्रवाल ने न्यायालय से सुरक्षा की मांग की थी।
अदालत का आदेश:
- अग्रिम सुनवाई अगली तारीख 29 मई 2026 को निर्धारित की गई है।
तब तक पुनीत अग्रवाल के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक रहेगी।
सचिव (आवास) व वन सचिव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अगली सुनवाई में शामिल होने का निर्देश दिया गया है, ताकि प्रशासनिक पक्ष से संबंधित दस्तावेज़ और स्पष्टीकरण प्रस्तुत किए जा सकें।

इस फैसले से एटीएस कॉलोनी व आसपास के निवासियों में अल्पकालिक राहत की भावना बनी है। पुनीत अग्रवाल के समर्थक व स्थानीय नागरिक इसे न्यायिक प्रक्रियाओं की सकारात्मक पहल मान रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की अगली सुनवाई में उपस्थिति से मामले की पारदर्शिता को बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।
न्यायालय द्वारा निर्धारित अगली तारीख पर दोनों पक्षों को अपने-अपने दस्तावेज़ व दलीलें प्रस्तुत करनी होंगी। सचिव (आवास) व वन सचिव की रिपोर्ट तथा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई प्रस्तुति से मामले की दिशा स्पष्ट होगी, जिसके बाद अदालत आगे की स्थायी आदेशों पर विचार करेगी।



