नीरज महेता ✍️NIU सीमांत तहसील धारचूला में सड़क की बदहाली लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। हाट गांव में हनुमान मंदिर से निगालपानी पेट्रोल पंप तक सड़क पर बने गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर है। हैरानी की बात है कि इसी मार्ग से प्रशासनिक अधिकारी भी गुजरते हैं, लेकिन सड़क की मरम्मत कब होगी, इसका जवाब किसी के पास नजर नहीं आता।

धारचूला के हाट गांव में सड़क की हालत देखिए। हनुमान मंदिर से निगालपानी पेट्रोल पंप तक जगह-जगह बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। स्थानीय स्तर पर बाइक सवारों और स्कूली बच्चों के दुर्घटनाग्रस्त होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विडंबना यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभाग के जिम्मेदार लोगों की आवाजाही भी इसी मार्ग से होती है। इसके बावजूद सड़क की बदहाली दूर नहीं हुई है। एक ओर सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने की बात कही जा रही है, तो दूसरी ओर धारचूला की यह सड़क जमीनी हकीकत बयां कर रही है।

अब सवाल यह है कि आखिर इस सड़क की सुध कब ली जाएगी? क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या समय रहते गड्ढों की मरम्मत कर लोगों को राहत मिलेगी? स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में संबंधित विभाग की कार्रवाई का इंतजार है।



