गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार की नीतियों पर उठाये सवाल
पश्चिम बंगाल। गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल को तेज करते हुए दक्षिण 24 परगना में आयोजित एक जनसभा में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए विकास और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा।
गृह मंत्री ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे राज्य की प्रगति प्रभावित हुई है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल आर्थिक दबाव में है और भारी कर्ज के बोझ से जूझ रहा है। साथ ही उन्होंने मदरसों को दी जा रही आर्थिक सहायता को लेकर भी सवाल उठाए।
सभा के दौरान अमित शाह ने अन्य राज्यों की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए परिवारवाद के मुद्दे को उठाया। उन्होंने विभिन्न विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे क्षेत्रीय राजनीति को परिवार तक सीमित कर रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंच रहा है।
भाजपा की रणनीति पर बोलते हुए शाह ने कहा कि पार्टी की “परिवर्तन यात्रा” का उद्देश्य राज्य में राजनीतिक बदलाव लाना और विकास को गति देना है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाएगी और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में पारदर्शिता की कमी है और सत्ता का केंद्रीकरण बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की सुरक्षा और सीमाई इलाकों में घुसपैठ एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, जिस पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
अमित शाह ने आश्वासन दिया कि भाजपा सत्ता में आने पर सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी और नागरिकों के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देगी। इसके अलावा उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतन व्यवस्था लागू करने का भी वादा किया।
