
रक्षा मंत्री बोले – आत्मनिर्भरता अब विकल्प नहीं, बल्कि समय की जरूरत
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलते वैश्विक हालात और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भारत और अधिक रणनीतिक रूप से मजबूत, आत्मनिर्भर और लचीला बनकर उभरेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे महामारी हो, आतंकवाद या क्षेत्रीय संघर्ष – मौजूदा सदी ने हर स्तर पर चुनौतियाँ खड़ी की हैं, और इन परिस्थितियों ने आत्मनिर्भर भारत की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।
देश में युद्धपोत निर्माण का संकल्प
राजनाथ सिंह ने एक मीडिया कार्यक्रम में कहा कि आत्मनिर्भरता अब विकल्प नहीं, बल्कि समय की मांग है। उन्होंने बताया कि भारत अब अपने ही देश में युद्धपोतों का निर्माण कर रहा है और नौसेना ने यह ठाना है कि भविष्य में किसी भी विदेशी देश से युद्धपोत नहीं खरीदे जाएंगे।
स्वदेशी रक्षा प्रणाली पर जोर
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के प्रयासों को सराहा जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्वदेशी “सुदर्शन चक्र” रक्षा प्रणाली जल्द ही वास्तविकता बन जाएगी। साथ ही, विकसित देशों की संरक्षणवादी नीतियों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर वैश्विक स्तर पर “युद्ध जैसी स्थिति” पैदा कर रहा है।
भारत के लिए राष्ट्रीय हित सर्वोपरि
अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के संदर्भ में राजनाथ सिंह ने कहा कि बाहरी दबाव चाहे कितना भी क्यों न हो, भारत अपने किसानों और छोटे उद्यमियों के हितों से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने साफ कहा कि भारत किसी भी देश को अपना शत्रु नहीं मानता, लेकिन राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।