रिपोर्टर सुनील सोनकर NIU✍️
मसूरी में पर्यटन सीजन की शुरुआत से पहले प्रशासन ने शहर की छवि और कानून व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। एसडीएम राहुल आनंद के नेतृत्व में मालरोड पर फ्लैग मार्च निकालकर स्पष्ट संदेश दिया गया कि अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लाइब्रेरी चौक से होते हुए शहीद स्थल तक निकाले गए इस मार्च में पुलिस बल, नगर पालिका और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त मौजूदगी रही। यह कार्रवाई उस सूचना के बाद की गई, जिसमें कहा गया था कि पटरी व्यापारी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में दोबारा मालरोड पर दुकानें लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

एसडीएम राहुल आनंद ने साफ कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखना भी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करते हुए मालरोड पर पटरी लगाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ गिरफ्तारी भी की जा सकती है। उन्होने स्पष्ट किया कि मामला हाई कोर्ट तक जा चुका है, जहां से भी पटरी व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट के निर्देशों के अनुसार मालरोड पर किसी को भी बैठने की अनुमति नहीं है। ऐसे में अब किसी भी प्रकार की ढिलाई की संभावना खत्म कर दी गई है। नगर पालिका अधिषासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि पटरी व्यापारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है और चिन्हित लोगों को स्थान आवंटित किया गया है। इसके बावजूद अगर कोई सरकारी आदेशों की अनदेखी करता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है। फिलहाल, फ्लैग मार्च के जरिए प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि इस बार पर्यटन सीजन में नियमों से कोई समझौता नहीं होगा और मसूरी की ‘क्वीन ऑफ हिल्स’ वाली छवि को बनाए रखने के लिए सख्ती जारी रहेगी।





