दीप मैठाणी NIU✍️देहरादून, अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा ने उत्तरांचल प्रेस क्लब, देहरादून में आयोजित प्रेसवार्ता में ब्राह्मण समाज के खिलाफ हो रहे कथित सामाजिक शोषण का आरोप लगाया। संगठन के संरक्षक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वर्ण (ब्राह्मण) भारत की सबसे शक्तिशाली जाति होने के बावजूद राजनीतिक कारणों से उपेक्षा का शिकार हो रही है।
प्रेसवार्ता में बोलते हुए महासभा के संरक्षक, अध्यक्ष व संयोजक ने दावा किया कि ब्राह्मण समाज, जो सदियों से ज्ञान, संस्कृति और समाज सेवा में अग्रणी रहा है, आजकल विभिन्न स्तरों पर भेदभाव का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, “स्वर्ण भारत की सबसे शक्तिशाली जाति है, बावजूद इसके राजनीतिक स्वार्थों के चलते इसे लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। यह सामाजिक शोषण अब सहन करने योग्य नहीं है।”
संरक्षक ने उत्तराखंड सहित पूरे देश में ब्राह्मणों की स्थिति पर चिंता जताई और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
महासभा ने इस अवसर पर ब्राह्मण समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। संगठन का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें मनवाएंगे और अन्य सामाजिक संगठनों से समर्थन मांगेंगे।

प्रेसवार्ता में मौजूद पत्रकारों ने संगठन से ठोस आंकड़ों और उदाहरणों की मांग की, जिस पर महासभा ने विस्तृत रिपोर्ट जल्द जारी करने का आश्वासन दिया। उत्तराखंड में जातिगत मुद्दे हमेशा से संवेदनशील रहे हैं। ब्राह्मण महासभा का यह बयान राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है, खासकर आगामी चुनावों को देखते हुए। संगठन ने सभी दलों से ब्राह्मण समाज के हितों का संरक्षण करने की अपील की।



