दीप मैठाणी NIU✍️ उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के नए अध्यक्ष हुकुम सिंह कुँवर ने आज अपने पदभार ग्रहण के तुरंत बाद कचहरी परिसर स्थित शहीद स्मारक पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। सुबह के सादे परिक्षेत्र कार्यक्रम में शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर आंदोलन के दौरान हुए बलिदानों को याद किया और कहा कि उन्हीं की वजह से आज उत्तराखंड एक स्वतंत्र राज्य के रूप में स्थापित है।
इस अवसर पर हुकुम सिंह कुँवर ने परिषद के सदस्यों और उपस्थित राज्य आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए अपनी प्राथमिकताएँ और कार्ययोजना स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता राज्य आंदोलनकारियों की मान-सम्मान की रक्षा, पेंशन और आर्थिक सहायता से सम्बंधित लंबित मांगों का शीघ्र निपटारा, तथा आंदोलन के दौरान घायल या असहाय परिवारों के कल्याण के लिए ठोस नीतियाँ बनवाना होगा। इसके अलावा वे आंदोलन के ऐतिहासिक दस्तावेजों को संरक्षित करने, आंदोलन के प्रमुख नेताओं व कार्यकर्ताओं के योगदान को सार्वजनिक रूप से मान्यता देने तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए शिक्षा-संवर्धन कार्यक्रम आरंभ करने पर भी जोर देंगे।

कुँवर ने कहा कि वे शासन-प्रशासन के साथ नियमित संवाद स्थापित करेंगे और हर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर सरकार के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी प्रकार की उपेक्षा या विलंब को खत्म करने के लिए वे व्यक्तिगत रूप से मामलों की पैरवी करेंगे और आवश्यकता होने पर वरिष्ठ अधिकारियों तथा मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि परिषद की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और समावेशिता सुनिश्चित की जाएगी और प्रदेश भर के आंदोलनकारियों की सुनी सुनवाई के लिए समय-समय पर क्षेत्रीय मीटिंगें आयोजित की जाएंगी।
हुकुम सिंह कुँवर ने राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें परिषद का अध्यक्ष नियुक्त कर राज्य सरकार ने आंदोलनकारियों के प्रति अपनी निष्ठा और सम्मान दिखाया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह आंदोलनकारियों की लंबित आर्थिक मांगों, सम्मान राशि और सुविधाओं को शीघ्रता से मंज़ूर कर प्रदेश के सामाजिक न्याय के सिद्धांत को और सुदृढ़ करे।

समाप्ति पर उन्होंने मीडिया के सवालों का उत्तर भी दिया। मीडिया के एक सवाल पर कि वे किस समय सीमा में प्रमुख मांगों का निपटारा कर पाएंगे, उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में तात्कालिक कार्रवाई संभव है जबकि कुछ नीतिगत बदलावों में समय लग सकता है फिर भी वे पहले तीन महीनों में प्राथमिक मुद्दों पर सरकार के साथ रोडमैप तय करने का लक्ष्य रखेंगे। दूसरे सवाल पर कि परिषद में युवा वर्ग और महिला प्रतिनिधित्व को लेकर क्या कदम होंगे, उन्होंने कहा कि परिषद में विविध प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर सदस्यता और प्रतिनिधि चयन के नियमों में बदलाव प्रस्तावित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में परिषद के कई वरिष्ठ सदस्य, स्थानीय नेता और आंदोलनकारी मौजूद रहे। शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि के बाद हुकुम सिंह कुँवर ने उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया और आगे की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा के लिए आगामी दिनों में भव्य मीटिंग का ऐलान किया।



