200 किमी दूरी बढ़ने के विरोध में उतरे क्षेत्रवासी, वन मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
रिपोर्टर- सुनील सोनकर
जौनपुर विकासखण्ड की चार वन रेंजों को प्रस्तावित नई टिहरी (मुनिकिरेती) वन प्रभाग में शामिल किए जाने के प्रस्ताव पर क्षेत्र में असंतोष गहराने लगा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इसे जनभावनाओं के विपरीत बताते हुए भारी संख्या में मसूरी के वन विभाग के कार्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया वही वन मंत्री को मसूरी वन प्रभाग के एसडीओ दिनेश प्रसाद नौटियाल के माध्यम से ज्ञापन भेज कर जौनपुर विकासखण्ड की चार वन रेंजों को प्रस्तावित नई टिहरी (मुनिकिरेती) वन प्रभाग में शामिल करने के प्रस्ताव को वापस लेने के लिए मांग की। उन्होने कहा कि अगर उनकी मांग को नही मामना गया तो सरकार के खिलाफ बडा आंदोलन किया जायेगा।
विकास खंड जौनपूर प्रधान संगठन के अध्यक्ष प्रदीप कवि और कांग्रेस के वरिश्ठ नेता मनमोहन सिंह मल्ल ने बताया कि वर्तमान में मसूरी वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाली भद्रीगाड़, केम्पटी, जौनपुर और देवलसारी रेंज को गुनिकिरेती स्थित नए वन प्रभाग में जोड़े जाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होने वन मंत्री सुबोध उनियाल को ज्ञापन भेजकर इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों से गुनिकिरेती की दूरी लगभग 200 किलोमीटर से अधिक है। पहाड़ी रास्तों में यह दूरी तय करना समय और धन दोनों की दृष्टि से भारी पड़ेगा। वन विभागीय कार्यों के लिए आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। संगठन ने मांग की है कि चारों रेंजों को पूर्ववत मसूरी वन प्रभाग में ही रखा जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जनहित की अनदेखी हुई तो आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।



