देहरादून- जिलाधिकारी सविन बंसल ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार व विद्यार्थियों में बढती नशे की प्रवृत्ति पर सख्त रूख अपनाते हुए जिले में स्थित सभी शैक्षित संस्थानों में रोस्टरवार अभियान चलाते हुए टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं जिलाधिकारी के सख्त निर्देश है कि यदि किसी स्कूल कालेज में ड्रग टेस्टिंग में कोई विद्यार्थी, बच्चे पासिटिव पाए जाते हैं तो सम्बन्धित डीन, कालेज स्वामी के विरूद्ध अपराधिक कार्यवाही की जाएगी। मा0 मुख्यमंत्री के नशामुक्त राज्य के विजन को धरातल पर उतारने को जिला प्रशासन के कड़े कदम उठाते हुए विद्यार्थियों/ किशोंरो को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने कमर ली है।
जिला प्रशासन ने आज यूपीईएस कालेज देहरादून में जिला प्रशासन की टीम द्वारा बड़े स्तर पर बच्चों के टेस्टिंग की गई। इस ड्राईव का उद्देश्य विद्यार्थियों, किशोरों को नशे के दुष्प्राभाव से बचाना है। विद्यालयों के आसपास एवं नशा के संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर सीसीटीवी कैमरे लगाने, निजी एवं शासकीय सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग्स कमेटी में स्कूल के एक छात्र और एक छात्रा को शामिल कर कमेटी को सक्रिय करने, नशीले पदार्थाे के अवैघ कारोबार की सूचना देने हेतु शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर बैनर/पोस्टर के माध्मय से मानस हेल्पलाइन नंबर 1933, एनसीवी मानस पोटर्ल और डिस्ट्रिक्ट डी-एडिक्शन सेंटर हेल्पलाइन नंबर 9625777399 का पोस्टर सभी कार्यालयों में चस्पा कराते हुए इसका व्यापक प्रचार प्रसार कराने और हेल्पलाइन पर प्राप्त होने वाली शिकायतों पर तत्काल एक्शन लेने के निर्देश दिए। अब टेªफिक संचालन के दौरान रात्रि में ड्रग टेस्टिंग भी की जाएगी।
किशोर और नाबालिग बच्चों में नशे की प्रवृत्ति को देखते हुए जिलाधिकारी ने चिंता जाहिर करते हुए देहरादून जिले में बच्चों के लिए समर्पित राज्य का पहला एक विशेष नशा मुक्ति केंद्र (रिहैबिलिटेशन सेंटर) का संचालन की प्रक्रिया शुरू हो गई है इसका उद्देश्य कम उम्र में नशे लत में डूब चुके बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने समाज कल्याण विभाग को शीघ्र इसकी गाइडलाइन के साथ प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी के प्रयासों से देहरादून के रायवाला में ओल्ड एज होम में 30 बैडेड नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने एम्स से एमओयू करते हुए सातों दिन एम्स में 10 बेड इंटेंसिव थेरेपी के लिए रिजर्व भी किए है। नशे के संकट को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने अपना एंटी ड्रग्स हेल्पलाइन नंबर 9625777399 भी बनवाया है।
जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित दवा फैक्ट्री एवं मेडिकल स्टोर का निरंतर निरीक्षण करने और नशीले पदार्थों की रोकथाम हेतु सघन जांच अभियान चलाने के भी निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी मेडिकल स्टोर पर 10 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी स्थापित कराए जाए। जिन मेडिकल स्टोर पर तब भी सीसीटीवी नही लगते है, ड्रग्स इंस्पेक्टर तत्काल उनका लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए है।

