देहरादून NIU ✍️विपरीत परिस्थितियों में भी सेवा का संकल्प कैसे निभाया जाता है, इसका उदाहरण भारतीय रेडक्रास सोसाइटी उत्तराखंड राज्य शाखा ने मानसून सीजन में प्रस्तुत किया है। राज्य शाखा ने अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, चंपावत और बागेश्वर सहित कई जनपदों के लिए आपदा राहत सामग्री रवाना कर मानवीय सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया है।
उत्तराखंड राज्य शाखा के चेयरमैन ओंकार बहुगुणा ने बताया कि मानसून सीजन को देखते हुए राष्ट्रीय मुख्यालय, नई दिल्ली की ऑनलाइन बैठक में उत्तराखंड के लिए राहत सामग्री की मांग की गई थी। मांग के अनुरूप राष्ट्रीय मुख्यालय से राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिसे राज्य शाखा ने जिलों की आवश्यकताओं के अनुसार तत्काल वितरण के लिए भेज दिया।
राज्य की मैनेजिंग कमेटी की बैठक में प्राप्त मांगपत्रों के आधार पर उत्तरकाशी, चमोली एवं रुद्रप्रयाग के लिए राहत सामग्री से लदे ट्रकों को उत्तराखंड सरकार के मंत्री भरत चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं महासचिव जे. एन. नौटियाल एवं कोषाध्यक्ष मोहन खत्री के नेतृत्व में पौड़ी, अल्मोड़ा, चंपावत तथा बागेश्वर के लिए भी राहत सामग्री भेजी गई।
जिलों के प्रतिनिधियों, चेयरमैनों एवं सचिवों ने राज्य शाखा की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले सात महीनों से कार्यालय बंद रहने जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद सेवा कार्य लगातार जारी हैं। उनका कहना था कि सच्ची रेडक्रास भावना केवल दावों से नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुँचाने से सिद्ध होती है।
उन्होंने कहा कि परिस्थितियाँ चाहे जितनी चुनौतीपूर्ण हों, सेवा का संकल्प रुकना नहीं चाहिए। उत्तराखंड राज्य शाखा ने यह साबित किया है कि जो लोग सेवा को अपना दायित्व मानते हैं, वे विवादों में समय गंवाने के बजाय राहत सामग्री लोगों तक पहुँचाने को प्राथमिकता देते हैं। यही कार्य स्वयं बताता है कि समाज का विश्वास शब्दों से नहीं, बल्कि निरंतर जनसेवा और परिणामों से अर्जित होता है।

