देहरादून NIU✍️ राजस्थानी देहरादून के उत्तरांचल प्रेस क्लब में प्रान्तीय रक्षक दल हित संगठन (संयोजक मण्डल), उत्तराखण्ड द्वारा एक प्रेसवार्ता आहूत की गई, जिसमें एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा गया कि👇👇आपको अवगत कराना है कि प्रान्तीय रक्षक दल (पी०आर०जी०) संगठन की स्थापना तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ‘संयुक्त प्रान्त सशस्त्र कास्टेबुलरी अधिनियम, 1948 के अंतर्गत 11 दिसम्बर, 1948 को की गई थी। इसका उद्देश्य प्रदेश में सामुदायिक सद्भावना एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना तथा नागरिकों को अनुशासित, आत्मनिर्भर एवं संगठित बनाना था। तब से लेकर आज तक पी०आर०डी० के जवान एवं कार्मिक प्रदेश में शांति-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एवं विभिन्न राजकीय एवं सामाजिक कार्यों के निर्वहन में निरन्तर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। उत्तराखण्ड राज्य गठन के पश्चात भी पी०आर०डी० संगठन ने एक अनुशासित बल के रूप में कठिन परिस्थितियों में राज्य हित में अपनी सेवाएँ पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण भाव से प्रदान की जा रही है। जबकि संगठन द्वारा यह प्रमुख मांगें निरन्तर समय-समय पर धरना प्रर्दशन वार्ता ज्ञापन के माध्यम से उठाई जा रही है।
इसी प्रकार वर्णित मांगों के सम्बन्ध में पी०आर०डी० कर्मचारी अनुशासित एवं सर्मिपित संगठन सीमित संशाधनों एवं अल्प मानदेय में कठिन एवं जोखिमपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्हें न तो स्थायी रोजगार की सुविधा प्राप्त है, और न ही होमगार्ड एवं उपनल के भांति सम्मान कार्य का सम्मान वेतन जैसे अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जिससे कि आज भी पी०आर०डी० परिवार उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। क्योंकि सरकार एक ही प्रदेश में असमान्ता का भाव कर रही है।
महोदय, हम समस्त पी०आर०डी० जवान एवं कार्मिक आपके माध्यम से सरकार का ध्यान निम्नलिखित प्रमुख मांगों की ओर आकृष्ट करना चाहते हैं।
- पी०आर०डी० जवानों एवं कार्मिकों का चरणवद्ध नियमितीकरण किया जाए।
- पुलिस एवं होमगार्ड की भाँति सम्मानजनक कार्य के अनुरूप सम्मानजनक वेतन एवं गत्ते प्रदान किए जाएँ।
- स्थायी सेवा नियमावली का निर्माण कर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
4 चिकित्सा सुविधा, पेंशन, बीमा, पदोन्नति एवं अन्य मूलभूत सुविधाएँ प्रदान की जाए।
5 पी०आर०डी० संगठन को एक सशक्त एवं स्थायी बल के रूप में स्थापित करने हेतु आवश्यक शासनादेश शीघ्र जारी किए जाएँ।
महोदय, यह अत्यन्त खेद का विषय है कि पी०आर०डी० संगठन के जवानों एवं कार्मिको द्वारा समय-समय पर अपनी मूलभूत समस्याओं एवं अधिकारों के सम्बन्ध में शासन, प्रशासन एवं विभाग को अवगत कराया जाता रहा है, किन्तु आज तक उनके सुरक्षित भविष्य एवं नियमितीकरण के सम्बन्ध में कोई ठोस एवं स्थायी निर्णय नहीं लिया गया है।
अतः माननीय महोदय आपसे समस्त प्रान्तीय रक्षक दल का जवान / संगठन एवं कर्मचारियों का अनुरोध है कि पी०आर०डी० जवानों एवं कार्मिकों के हित में यथाशीघ्र आवश्यक कार्यवाही कराने की कृपा करें। इस महान कार्य हेतु हम समस्त पी०आर०डी० जवान एवं कार्मिक आपके सदैव आभारी रहेंगे।

