दीप मैठाणी NIU ✍️देहरादून उत्तराखंड में एक नया भूमि विवाद सामने आया है, जिसमें उत्तराखंड पेयजल निगम के निलंबित अधिशासी अभियंता सुजीत कुमार विकास और उनकी पत्नी रंजू कुमारी (कुच्चू पूच्चू इंटरप्राइस की निदेशक) पर गंभीर आरोप लगे हैं।
निखिल मौर्य नामक एक युवक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुजीत कुमार विकास और रंजू कुमारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि कैंट विधानसभा क्षेत्र में स्थित वसंत विहार हाईट्स के समीप करीब 5.5 बीघा जमीन का सौदा कुच्चू पूच्चू इंटरप्राइस के साथ 8 करोड़ 54 लाख रुपये में किया गया था।
शुरुआती रकम के रूप में तीन चेक दिए गए:
दो चेक 25-25 लाख रुपये के
एक चेक 50 लाख रुपये का
पीड़ित पक्ष के खाते में 50 लाख रुपये तो तुरंत आ गए, लेकिन दूसरे चेक को अकाउंट में लगाने के लिए कुच्चू पूच्चू इंटरप्राइस पीड़ित पक्ष को लगातार टालती रही। अब एक साल बीत जाने के बाद भी बाकी रकम की अदायगी नहीं की जा रही है।
पीड़ित पक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं,
- जमीन पर कब्जे का प्रयास: उल्टा जमीन पर बाउंड्री वॉल बनाया जा रहा है और पीड़ित पक्ष को डराया-धमकाया जा रहा है,
- व्हाट्सएप कॉल और कानूनी नोटिस के माध्यम से धमकी, सुजीत कुमार विकास पर आरोप है कि वह व्हाट्सएप कॉल और कानूनी नोटिस के जरिए पीड़ित पक्ष को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं
- पैसे देने में आनाकानी: कुच्चू पूच्चू इंटरप्राइस अब पैसे देने में आनाकानी कर रही है और जबरन जमीन कब्जाने का प्रयास किया जा रहा है,
बता दें की सुजीत कुमार विकास उत्तराखंड पेयजल निगम के निलंबित अधिशासी अभियंता हैं, जुलाई 2025 में उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, जिसमें किसी फर्म को काम दिलाने के बदले अपनी पत्नी की यही फर्म ‘कुच्चू पूच्चू इंटरप्राइज‘ के बैंक खाते में करीब 15 लाख रुपये जमा कराने का आरोप था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उन्हें कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन के आरोप में निलंबित कर दिया गया था।
इस मामले में अब पीड़ित पक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोपों को सार्वजनिक किया है, पुलिस और प्रशासनिक जांच की मांग की जा रही है

