चौपाल (शिमला)✍️NIU हिमाचल प्रदेश के चौपाल स्थित ऐतिहासिक तहसील खेल परिसर में 26–27 अक्टूबर को पहली बार अंतरराज्यीय ठोड़ा खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता आयोजित हुई। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की टीमों ने भाग लिया और दोनों राज्यों के खिलाड़ियों ने पारंपरिक तीरंदाजी व युद्ध कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
लोहारी लोखंडी टीम की भागीदारी
प्रतियोगिता में टीम लोहारी लोखंडी ने उत्साह के साथ भाग लिया। टीम में जयपाल चौहान, प्रताप राणा, ध्यान सिंह राणा, करम सिंह, चंदन सिंह, अतर चौहान, हुकम सिंह, जगदीश चौहान, यश चौहान, सुरेंद्र चौहान, खजान चौहान, खजान राणा, नरेंद्र चौहान, खेम सिंह और अर्जुन चौहान शामिल रहे।
टीम के साथ बजगी ढोल वालों ने भी विशेष प्रस्तुति दी। किशन दास लोहारी और भगत वर्मा लोहारी ने ढोल की थाप पर ठोड़ा खेल की परंपरा और पहाड़ी संस्कृति को जीवंत रंग दिया। उनकी ढोल बीट ने खिलाड़ियों का जोश बढ़ाया और दर्शकों का ध्यान खींचा।
यह दो दिवसीय आयोजन हिमाचल प्रदेश राज्य ठोड़ा खेल एवं सांस्कृतिक महासंघ के तत्वावधान में हुआ। ठोड़ा खेल के रोमांचक मुकाबलों के अलावा महिलाओं की रस्साकशी और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजन के आकर्षण रहीं।
आयोजन का उद्देश्य हिमाचल और उत्तराखंड की सदियों पुरानी पारंपरिक संस्कृति, लोक धरोहर तथा ठोड़ा खेल को संरक्षित करना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा।
27 अक्टूबर को दोपहर समापन समारोह हुआ, जिसमें विजेता खिलाड़ियों और टीमों को सम्मानित किया गया। लोहारी लोखंडी टीम के खिलाड़ियों और ढोल वादकों की भागीदारी ने प्रतियोगिता को और भी यादगार बना दिया।

