देहरादून NIU✍️ देहरादून के देहरा खास क्षेत्र से धोखाधड़ी और विश्वासघात का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक पूर्व रसोइए ने अपने मालिक के पहचान दस्तावेजों का दुरुपयोग कर न्यायालय की प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ किया। पीड़ित रोहित छाबड़ा (राज) ने शाहजहाँपुर निवासी अपने पूर्व रसोइए प्रखर सक्सेना के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत दर्ज कराई है। प्रखर करीब तीन साल पहले रोहित के यहाँ कार्यरत था, लेकिन उसकी संदिग्ध गतिविधियों के कारण उसे काम से हटा दिया गया था। आरोपी ने इसी रंजिश या लालच में आकर रोहित के एक लंबित कानूनी मामले में खुद को उनका अधिकृत प्रतिनिधि दर्शाया और रोहित की जानकारी के बिना अदालत में एक फर्जी समझौता पत्र दाखिल कर दिया।
इस सुनियोजित जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब रोहित छाबड़ा स्वयं गवाही देने के लिए नरेंद्र नगर कोर्ट पहुंचे। वहाँ पत्रावली के अवलोकन के दौरान वे तब दंग रह गए जब उन्हें पता चला कि प्रखर सक्सेना ने उनके पैन कार्ड और आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की प्रतियों का अवैध इस्तेमाल कर विपक्षी दल के साथ साठगांठ कर ली है। आरोपी ने रोहित के फर्जी हस्ताक्षर का सहारा लेकर उस समझौते को न्यायालय के समक्ष आधिकारिक रूप से प्रस्तुत किया, जिससे ऐसा प्रतीत हो कि मामला आपसी सहमति से सुलझ गया है। इस धोखाधड़ी के माध्यम से आरोपी ने विपक्षी पक्ष को गुमराह कर पीड़ित के नाम पर एक बड़ी धनराशि भी अवैध रूप से वसूल ली।
अदालत में पेश किए गए इन जाली दस्तावेजों और फर्जी हस्ताक्षरों ने न्याय प्रणाली को भी चकित कर दिया है। रोहित छाबड़ा ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि उन्होंने कभी भी प्रखर को अपना प्रतिनिधि नियुक्त नहीं किया और न ही किसी समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस गंभीर पहचान चोरी और आपराधिक षड्यंत्र को लेकर पीड़ित ने पुलिस से आरोपी प्रखर सक्सेना के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वर्तमान में पुलिस इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस जालसाजी में और कौन-कौन शामिल हैं।

