गिरीश चंदोला / चमोली ✍️NIU सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण को लेकर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए बिरही में गौचर भूमि पर किए जा रहे अवैध निर्माण को सील करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब जिले के अन्य क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण का मामला भी चर्चा में आ गया है।
दरअसल, बिरही में गौचर भूमि पर अवैध निर्माण का मामला सामने आने के बाद मंगलवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन भवन का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर कोई भी व्यक्ति निर्माण कार्य करता हुआ नहीं मिला।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल भवन को सील करने, संबंधित लोगों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करने और मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
हालांकि, चमोली जिले में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का सवाल केवल बिरही तक सीमित नहीं है। जिले के तमाम क्षेत्रों में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में बिरही में हुई कार्रवाई के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन की यह सख्ती केवल बिरही तक सीमित रहेगी या फिर जिले के अन्य क्षेत्रों में भी सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी? क्या प्रशासन सभी तहसीलों में सरकारी भूमि का निरीक्षण कर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कदम उठाएगा?
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन का यह सख्त रुख जिलेभर में धरातल पर कितना प्रभावी नजर आता है।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडेय, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, तहसीलदार दीप्ति शिखा सहित राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

