दीप मैठाणी ✍️NIU टाटा समूह की ई-ग्रोसरी कंपनी बिगबास्केट ने आज टिहरी गढ़वाल के जौनपुर ब्लॉक स्थित अलमस गांव में अपना नया किसान खरीद केंद्र शुरू किया। यह गढ़वाल का पहला और उत्तराखंड का गौलापार व मुक्तेश्वर के बाद तीसरा ऐसा केंद्र है, जहां किसान अपनी फसल सीधे कंपनी को बेच सकेंगे।
केंद्र का शुभारंभ प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार राज चंद्रशेखर जोशी ने पूजा-अर्चना के बाद किया। कार्यक्रम में स्थानीय किसानों, पंचायत प्रतिनिधियों और कंपनी के अधिकारियों ने भाग लिया। इस पहल को कुछ माह पूर्व वरिष्ठ नेतृत्व से चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया गया था।
किसानों को क्या मिलेगी सुविधाएं?
- दिल्ली मंडी के भाव: किसानों को उनकी उपज का भुगतान दिल्ली की मंडी के अनुसार किया जाएगा।
48 घंटे में भुगतान: फसल की बिक्री के 48 घंटे के भीतर राशि सीधे किसान के बैंक खाते में पहुंच जाएगी। - पारदर्शी लेन-देन: किसी प्रकार की अनावश्यक कटौती नहीं होगी, सारा हिसाब-किताब स्पष्ट रहेगा।
- विशेषज्ञ सहायता: किसानों को फसल चयन, गुणवत्ता और बाजार की मांग के अनुसार तकनीकी सलाह भी मिलेगी।
बिगबास्केट ने पहले मुक्तेश्वर और गौलापार में भी ऐसे केंद्र खोले थे, जहां इस सीजन में लगभग 100 टन आलू (22–26 रुपये प्रति किलो) के अलावा बड़ी मात्रा में प्याज, फल और अन्य सब्जियां खरीदी गईं। इन केंद्रों से किसानों को बेहतर दाम और त्वरित भुगतान मिलने की पुष्टि हुई है।
कंपनी के अनुसार, उत्तराखंड में आने वाले समय में और भी ऐसे किसान खरीद केंद्र खोले जाएंगे। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य की कृषि उपज को राष्ट्रीय बाजार तक सीधे पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
इस अवसर पर यह भी कहा गया कि अब समय आ गया है जब युवा और किसान दोनों मेहनत करें, तकनीक का सहारा लें और खेती में नई सोच अपनाएं। उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए ऐसे प्रयासों का साथ देना जरूरी है।

