हर्निया एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें शरीर के अंदरूनी अंग या ऊतक कमजोर मांसपेशी के माध्यम से बाहर निकल आते हैं। यह दर्दनाक हो सकता है और समय पर इलाज न होने पर गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है। हर्निया किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन पुरुषों में इसकी संभावना ज्यादा होती है। हालांकि लोग अक्सर सोचते हैं कि यह केवल भारी वजन उठाने से होता है, लेकिन असल में यह कई रोजमर्रा की आदतों और जीवनशैली की गलतियों के कारण भी हो सकता है।
मुख्य कारण और सावधानियां:
गलत तरीके से भारी वजन उठाना:
भारी वस्तुएं उठाते समय सीधे पीठ या पेट की मांसपेशियों पर जोर डालना हर्निया का सबसे बड़ा कारण है। हमेशा घुटनों को मोड़कर और पीठ को सीधा रखते हुए वजन उठाना चाहिए। इससे मांसपेशियों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा और हर्निया का खतरा कम होगा।
मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता:
लंबे समय तक बैठकर काम करना और व्यायाम न करना मोटापे का कारण बनता है, जो पेट की मांसपेशियों पर दबाव डालता है। नियमित व्यायाम और संतुलित आहार हर्निया के जोखिम को काफी हद तक घटा सकते हैं।
पुरानी खांसी और कब्ज:
लगातार खांसी या कब्ज के कारण पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे मांसपेशियां कमजोर होती हैं और हर्निया का खतरा बढ़ता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
पोषक तत्वों की कमी:
मांसपेशियों की मजबूती के लिए सही पोषण बेहद जरूरी है। प्रोटीन, विटामिन सी और अन्य पोषक तत्वों की कमी से मांसपेशियां कमजोर होती हैं। अपने आहार में प्रोटीन और विटामिन से भरपूर भोजन शामिल करें।
निष्कर्ष:
छोटी-छोटी जीवनशैली की आदतों में बदलाव कर हर्निया के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सही वजन उठाने की तकनीक अपनाएं, नियमित व्यायाम करें, कब्ज और खांसी को अनदेखा न करें और संतुलित आहार लें।
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