Site icon News India Update

शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय के नवनिर्मित छात्रावास भवन का राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) किया लोकार्पण | NIU

शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय के नवनिर्मित छात्रावास भवन का राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) किया लोकार्पण | NIU

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बुधवार को प्रीतम रोड़, देहरादून स्थित श्री शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय के नवनिर्मित छात्रावास भवन का लोकार्पण किया। यह छात्रावास पूर्व राज्यसभा सांसद श्री तरुण विजय की सांसद निधि (2014-15) द्वारा निर्मित किया गया। छात्रावास के लोकार्पण के अवसर पर राज्यपाल ने इस छात्रावास को बनाने में सहयोग करने के लिए श्री तरुण विजय और महाविद्यालय परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह छात्रावास यहां अध्ययन करने वाले बच्चों के लिए उचित आवास की व्यवस्था बनाने में सहायक होगा।

राज्यपाल ने कहा कि जब हम उत्तराखण्ड के प्राचीन इतिहास के बारे में पढ़ते हैं तो हमें पता चलता है कि उत्तराखण्ड की इसी धरती से संस्कृत भाषा के माध्यम से ज्ञान और विज्ञान का प्रसार हुआ था। भगवान वेदव्यास जी ने वेदों के ज्ञान को श्री बद्रीनाथ की पवित्र भूमि से विस्तारित किया था। इसी भूमि पर सभी पुराणों की रचना हुई थी। उन्होंने कहा कि यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम संस्कृत भाषा को आगे ले जाने का संकल्प लें और इसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें।

राज्यपाल ने कहा कि संस्कृत भाषा उन्नयन के लिए सही दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता है, इसके लिए हर एक को निस्वार्थ भाव से सहयोग प्रदान करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा में जो शक्ति और ज्ञान-विज्ञान समाहित है, उस अनुपात में हम अभी संस्कृत भाषा को पूरा महत्व नहीं दे पा रहे हैं, जो हमारे लिए चिंता का विषय है। संस्कृत विद्यालय, महाविद्यालय, गुरुकुल अपनी क्षमता के अनुसार इसके विकास और संरक्षण में योगदान दे रहे हैं। लेकिन हम सभी को भी इस दिशा में अपना पूर्ण योगदान देना होगा।

उन्होंने कहा कि संस्कृत विद्या के संरक्षण के लिए श्री शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय और ऐसे ही सभी संस्कृत विद्यालयों को सभी प्रकार से आवश्यक संसाधनों की आवश्यकताएं अवश्य ही पूरी होनी चाहिए। सामूहिक प्रयासों से हम इस प्रकार की वास्तविक धरोहर को संरक्षित कर सकते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व सांसद तरुण विजय और विधायक खजान दास ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर निदेशक संस्कृत शिक्षा एस.पी. खाली, प्रधानाचार्य रामप्रसाद थपलियाल सहित अनेक गणमान्य लोग और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Exit mobile version