आज की तेज़ रफ्तार और अनियमित जीवनशैली के बीच हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। खास बात यह है कि इसके लक्षण लंबे समय तक नजर नहीं आते, लेकिन यह धीरे-धीरे हृदय रोग, किडनी की समस्या और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते जीवनशैली में सुधार कर इस खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है।
फिटनेस एवं वेलनेस एक्सपर्ट डॉ. शालिनी सिंह सोलंकी के अनुसार हाई बीपी की जड़ें अधिकतर गलत खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और मानसिक तनाव में छिपी होती हैं। उन्होंने ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए एक प्रभावी ‘5 स्टेप लाइफस्टाइल फॉर्मूला’ साझा किया है, जिसे अपनाकर महज दो सप्ताह में बीपी को लगभग 10 पॉइंट तक कम किया जा सकता है।
डॉ. शालिनी का कहना है कि यह फॉर्मूला दवाइयों के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि उनके साथ या बिना दवा के भी शरीर को प्राकृतिक रूप से संतुलित करने में मदद करता है। नियमित रूप से इन उपायों को अपनाने से रक्त वाहिकाओं पर दबाव कम होता है और शरीर का आंतरिक सिस्टम बेहतर तरीके से काम करने लगता है।
स्टेप 1: नमक की मात्रा पर लगाएं लगाम
हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने का सबसे पहला और जरूरी कदम सोडियम की मात्रा कम करना है। विशेषज्ञों के अनुसार दिनभर में 5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन बीपी बढ़ा सकता है। पैकेज्ड फूड, चिप्स, नमकीन और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना जरूरी है।
स्टेप 2: पोटैशियम युक्त आहार बढ़ाएं
डाइट में पोटैशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे केला, संतरा, पालक और टमाटर शामिल करें। पोटैशियम शरीर से अतिरिक्त सोडियम को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे धमनियों पर दबाव कम होता है और ब्लड प्रेशर संतुलन में रहता है।
स्टेप 3: रोजाना शारीरिक गतिविधि जरूरी
बैठकर काम करने वाली जीवनशैली हाई बीपी का बड़ा कारण बन रही है। डॉ. शालिनी के अनुसार रोजाना 30 से 45 मिनट वॉक, योग या हल्का व्यायाम दिल को मजबूत बनाता है। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और सिस्टोलिक व डायस्टोलिक दोनों स्तर नियंत्रित रहते हैं।
स्टेप 4: तनाव से रखें दूरी
मानसिक तनाव सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर को प्रभावित करता है। तनाव बढ़ने से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे बीपी अचानक बढ़ सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए रोजाना 10 मिनट ध्यान, गहरी सांस लेने के अभ्यास या योग को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी जाती है।
स्टेप 5: पूरी नींद लेना है जरूरी
स्वस्थ शरीर के लिए 7 से 8 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी मानी जाती है। नींद की कमी से हार्मोन असंतुलन होता है, जिसका सीधा असर ब्लड प्रेशर पर पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह 5 स्टेप फॉर्मूला तभी असरदार होगा जब इसे नियमित आदत के रूप में अपनाया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि दवाइयों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय अगर लोग अपनी दिनचर्या और खानपान में सुधार करें, तो हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या को लंबे समय तक नियंत्रित रखा जा सकता है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
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