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हरिद्वार जमीन घोटाले पर धामी सरकार की सख्ती, तीन वरिष्ठ अफसरों पर विभागीय जांच शुरू

हरिद्वार जमीन घोटाले पर धामी सरकार की सख्ती, तीन वरिष्ठ अफसरों पर विभागीय जांच शुरू

जांच अधिकारी नियुक्त, एक माह में शासन को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

देहरादून। हरिद्वार के ग्राम सराय में नगर निगम द्वारा की गई जमीन खरीद में सामने आए घोटाले को लेकर सरकार ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। तत्कालीन डीएम कर्मेन्द्र सिंह, नगर आयुक्त वरुण चौधरी और एसडीएम अजयवीर सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। गृह विभाग ने इसे लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।

प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर एसडीएम अजयवीर सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। उन्हें पहले ही निलंबित किया जा चुका है और आरोपपत्र जारी करते हुए अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया गया था। 16 सितंबर को उन्होंने लिखित रूप में सभी आरोपों से इंकार किया था।

अब शासन ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव (आईएएस) को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें एक माह के भीतर जांच रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह और नगर आयुक्त वरुण चौधरी की जांच की जिम्मेदारी सचिव सचिन कुर्वे (आईएएस) को सौंपी गई है।

गौरतलब है कि इस जमीन घोटाले में सरकार पहले ही दो आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी सहित 12 अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित कर चुकी है। बताया जा रहा है कि नगर निगम ने ग्राम सराय में अनुपयुक्त 2.3070 हेक्टेयर जमीन 54 करोड़ रुपये में खरीदी थी, जो कूड़े के ढेर के पास स्थित थी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई भी अधिकारी यदि गलत पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”

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