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उत्तराखंड परिवहन निगम की बड़ी तैयारी, देहरादून-दिल्ली रूट पर दौड़ेंगी हाइड्रोजन बसें

उत्तराखंड परिवहन निगम की बड़ी तैयारी, देहरादून-दिल्ली रूट पर दौड़ेंगी हाइड्रोजन बसें

यात्रियों को मिलेगी हाईटेक सुविधा, कमांड सेंटर और टोल-फ्री हेल्पलाइन होगी शुरू

देहरादून। उत्तराखंड परिवहन निगम जल्द ही प्रदेश में हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए हाइड्रोजन बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी में है। इस पहल के तहत पहले चरण में देहरादून-दिल्ली मार्ग को चुना गया है। निगम का मानना है कि इस परियोजना से प्रदूषण में कमी आएगी और यात्रियों को आधुनिक व सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

हाल ही में गुजरात के गांधीनगर में आयोजित बस एवं कार ओनर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की प्रदर्शनी में निगम के संचालन और तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी कई नई तकनीकों और अत्याधुनिक बस मॉडलों का अवलोकन किया गया। इनमें से हाइड्रोजन ईंधन आधारित बसों और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम को उत्तराखंड में लागू करने की योजना तैयार की गई है।

निगम अब इस परियोजना की लागत का आकलन कर राज्य सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजेगा। प्रस्ताव को निगम बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर हाइड्रोजन ईंधन की उपलब्धता को देखते हुए शुरुआती चरण में इसी रूट पर बसें चलाई जाएंगी।

हाइड्रोजन बसों के संचालन का मुख्य उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। निगम का यह भी दावा है कि भविष्य में परिचालन लागत कम होने का लाभ यात्रियों को किराये में राहत के रूप में मिल सकता है।

बसों पर रहेगी हर पल नजर

परिवहन निगम सभी रोडवेज बसों की निगरानी के लिए अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करेगा। इस सेंटर से बसों की लोकेशन, गति, निर्धारित मार्ग, स्टॉपेज और संचालन की पूरी जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध रहेगी। इससे संचालन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाई जा सकेगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि एक्सप्रेस सेवाएं निर्धारित नियमों के अनुसार ही संचालित हों।

24 घंटे मिलेगा शिकायतों का समाधान

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निगम एक समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू करेगा। वर्तमान व्यवस्था में डिपो अधिकारियों के नंबर जारी किए जाते हैं, लेकिन कई बार समय पर संपर्क नहीं हो पाता। नई व्यवस्था के तहत कमांड सेंटर में तैनात कर्मचारी चौबीसों घंटे शिकायतें दर्ज करेंगे और उनके त्वरित समाधान की निगरानी करेंगे।

परिवहन निगम के महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने बताया कि हाइड्रोजन बसों को पहले दिल्ली रूट पर संचालित करने की योजना है। इसके सफल संचालन के बाद चरणबद्ध तरीके से इन्हें राज्य के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी उतारा जाएगा।

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